बिहार में कल से ट्रक मालिकों की हड़ताल, पूरे प्रदेश में करेंगे चक्का जाम

बिहार के ट्रक मालिकों ने अपनी इस हड़ताल के लिए राज्य सरकार को जिम्मेवार ठहराया है. बिहार के ट्रक मालिकों की हड़ताल यदि लंबे समय तक जारी रही तो फलों, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें और बढ़ सकती हैं.

बिहार में कल से ट्रक मालिकों की हड़ताल, पूरे प्रदेश में करेंगे चक्का जाम

बिहार में ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने सोमवार यानी 14 सितंबर से अपने 21 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है. सोमवार सुबह छह बजे से पूरे प्रदेश में ट्रकों का चक्का जाम हो जायेगा. राजधानी में आयोजित प्रेसवार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु शेखर प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार ने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद भी उनकी समस्याओं के निदान के लिए कोई प्रयास नहीं किया और न ही उनकी मांगें मानीं, लिहाजा अब ट्रक चालकों का हड़ताल पर जाना तय है.

बढ़ सकती है जरूरत के सामान की कीमतें

अध्यक्ष ने यह भी कहा अब सिर्फ मुख्यमंत्री से ही वार्ता होगी, जबकि एसोसिएशन के पटना जिलाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि इससे आम लोगों को होने वाली असुविधा के लिए सरकार दोषी होगी.
एसोसिएशन के महासचिव राजेश कुमार ने यह बताया कि यह हड़ताल सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ है. ट्रकों की हड़ताल यदि लंबे समय तक जारी रही तो फलों, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों के और भी बढ़ने की आशंका है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ेगी और इसके लिए सरकार दोषी है.

ट्रक ओनर्स की जो मांगे हैं उनमें जेपी सेतु, राजेंद्र सेतु और राज्य के अन्य बंद पड़े पुल को खाली ट्रकों के परिचालन के लिए खोलना, संशोधित मोटरवाहन अधिनियम को पूरी तरह वापस लेते हुए पुराने मोटर वाहन अधिनियम 1988 को लागू करना, भोजपुर डीटीओ के भ्रष्ट क्रियाकलापों के खिलाफ कार्रवाई, राज्य के सभी बालू खदानों से निर्धारित मूल्य पर बालू की आपूर्ति सुनिश्चित करना, राज्य में एनएच और अन्य जगहों पर लगे अनावश्यक नो इंट्री को समाप्त करना, फिटनेस, परमिट, बीमा और लाइसेंस सहित अन्य कागजातों की वैद्यता 31 मार्च 2021 तक बढ़ाना, चालू वित्तीय वर्ष का रोड टैक्स पूरी तरह माफ करने, डीजल पर लगे राज्य उपकरों को समाप्त करके उसकी कीमत को कम करना, ट्रक व्यवसाय को उद्योग का दर्जा देते हुए उसे अनुदान और प्रोत्साहन राशि देना, एसोसिएशन के कार्यालय के लिए 5000 वर्ग फीट की जगह ट्रांसपोर्ट नगर में देना समेत कई अन्य मांगे हैं.