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पूर्णिया

गंगटोक में पोस्ट कांग्रेस का हुआ उद्घाटन, राज्यपाल ने कहा पूर्णिया यूनिवर्सिटी बना है नजीर

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पूर्णिया : बायोटेक्नोलॉजी व क्रॉप साइंस पर पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पहले ग्लोबल कांग्रेस के तीन दिवसीय पोस्ट कांग्रेस सत्र का उद्घाटन 05 जुलाई को सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कृषि अभियांत्रिकी कॉलेज रानीपुल, गंगटोक में किया ।पोस्ट कांग्रेस का विषय “अगली पीढ़ी का अनुक्रमण और जीनोमिक्स का भविष्य ” रखा गया है। सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में जीनोमिक्स के क्षेत्र की मशहूर हस्ती प्रो एन के सिंह मौजूद थे ।जिन्होंने जीनोम और उससे जुड़े शोध पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि आने वाला दशक जीनोमिक्स का है और इसमें अपार संभावनाएं मौजूद है।

पूर्णिया विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय ले प्रेरणा : राज्यपाल

पोस्ट कांग्रेस का उद्घाटन करते हुए सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि खाद्यान्न मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने में कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कहा कि अब खाद्यान्न उत्पादन चुनौती नही बल्कि सबो को पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध कराना चुनौती है। कृषि वैज्ञानिकों को अब ईस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है।कृत्रिम उर्वरक व कीटनाशक के बढ़ते प्रयोग पर चिंता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ रहना है तो प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। राज्यपाल श्री प्रसाद ने पूर्णिया यूनिवर्सिटी और इसके संस्थापक कुलपति प्रो राजेश सिंह की जमकर प्रशंसा किया। कहा कि महज डेढ़ साल के अल्प काल मे पीयू का जितना शैक्षणिक उन्नयन हुआ है वह काबिलेतारीफ है। खासकर विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किये जाने को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पूर्णिया यूनिवर्सिटी देश के दूसरे विश्वविद्यालयों के लिए नजीर है और इससे सबक लेने की जरूरत है।

नालंदा की आत्मा को पुनर्जीवित करना है उद्देश्य : प्रो राजेश

पीयू के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने ग्लोबल कांग्रेस के आयोजन की उपयोगिता की चर्चा करते हुए कहा कि कभी शिक्षा के क्षेत्र में विश्व के सिरमौर रहे नालंदा विश्वविद्यालय की आत्मा को पूर्णिया यूनिवर्सिटी के माध्यम से पुनर्जीवित करना उनका एकमात्र लक्ष्य है। कहा कि उन्होंने खुली आँखों से सपना देखा है कि नालंदा की तरह ही पूर्णिया में भी देश विदेश के छात्र अध्ययन और शोध के लिए आएं। कहा कि सपना साकार करने की दिशा में कारवां निकल पड़ा है और वे मानते हैं कि कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती है। प्रो सिंह ने आने वाले 10 वर्षों की पीयू की शैक्षणिक रूप रेखा की चर्चा करते हुए कहा कि हम होंगे कामयाब, मन मे है पूरा विश्वास।

प्रो ढींढसा को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

देश मे क्रॉप साइंस के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए नामचीन वैज्ञानिक प्रो डॉ कुलदीप सिंह ढींढसा को राज्यपाल गंगा प्रसाद के हाथों लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। इस मौके पर कुलपति श्री सिंह ने डॉ ढींढसा के वैज्ञानिक जीवन यात्रा को रेखांकित किया और कहा कि उनसे युवा पीढ़ी से प्रेरणा लेने की जरूरत है। जबकि श्री ढींडसा ने कुलपति प्रो सिंह को बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश का जाना माना वैज्ञानिक बताते हुए कहा कि श्री सिंह के प्रयास से पीयू में जीनोम मैपिंग का स्थापित होने वाला शोध केंद्र शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर पूर्वांचल यूनिवर्सिटी नेपाल के कुलपति प्रो घनश्याम लाल दास, प्रो आर पी सिंह, प्रो प्रतिभा सिंह, प्रो बी ए न पांडेय, प्रो एन सी बधवा, डॉ दान सिंह जाखड़, डॉ फरहीन अख्तर, रजनीश कुमार आदि उपस्थित थे ।

पूर्णिया से पंकज भारतीय की रिपोर्ट

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पूर्णिया

प्रो राजेश बने अखिल भारतीय कुलपति संघ अध्यक्ष, पोस्ट कांग्रेस का हुआ समापन

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पूर्णिया : पूर्णिया विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और नई उपलब्धि जुड़ गई है। सिक्किम में अखिल भारतीय कुलपति संघ की हुई बैठक में पूर्णिया यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो राजेश सिंह को अगले वर्ष के लिए संघ का अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी सिक्किम के कुलपति डॉ जगन्नाथ पटनायक ने किया। अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रो सिंह को सिक्किम के परंपरा के अनुरूप सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि गंगटोक में पीयू द्वारा 05 से 07 जुलाई तक पोस्ट कांग्रेस आयोजित था और इसी दौरान कुलपति संघ का सम्मेलन भी हुआ।

कुलपति संघ की बैठक में आगामी वर्ष होने वाले सम्मेलन की रूप रेखा पर चर्चा हुई। अपने संबोधन में कुलपति श्री सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य सार्क देशों के विश्वविद्यालयों का संघ बनाना है ताकि विचारों व शोध का आदान प्रदान हो सके। इस तरह के प्रयास सबों के लिए लाभकारी साबित होगा। श्री सिंह ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ना सार्क देशों के लिए चुनौती है और इससे साथ मिलकर ही निबटा जा सकता है। कहा कि बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय भरतीय संस्कृति का मूल मंत्र है। लिहाजा भारत ही विज्ञान के क्षेत्र में विकास करते हुए विश्व में आधुनिकता और शांति का वातावरण स्थापित करेगा। वहीं पीयू के प्रतिकुलपति डॉ राजनाथ यादव ने कहा कि भारत का प्राचीन साहित्य विज्ञान का भंडार है। जिसे नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से वर्तमान स्थिति के अनुरूप बनाना होगा।

वहीं 07 जुलाई को तीन चरणों मे आयोजित ग्लोबल कांग्रेस का समापन भी हो गया। पोस्ट कांग्रेस में ” अगली पीढ़ी का अनुक्रमण और जीनोमिक्स का भविष्य ” विषय पर देश विदेश के वैज्ञानिकों ने अपनी अपनी राय रखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति श्री सिंह ने कहा कि विज्ञान के इस युग मे हमे विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालय के साथ कनेक्टिविटी रखना जरूरी है। कहा कि जीनोमिक्स में शोध की अपार संभावनाएं है और आने वाले 25 वर्षों तक इस विषय में गहन शोध की आवश्यकता है। प्रतिकुलपति डॉ राजनाथ यादव ने कहा कि देश मे पहली बार पूर्णिया यूनिवर्सिटी ने प्री और पोस्ट कांग्रेस की शुरुआत किया है जिसके लिए कुलपति श्री सिंह बधाई के पात्र हैं। वहीं मुख्य अतिथि ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक प्रो कुलदीप सिंह ढींढसा ने कुलपति श्री सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि युवा शोधार्थियों को प्रो राजेश से प्रेरणा लेने की जरूरत है। इस मौके पर डॉ आर पी सिंह, प्रो प्रतिमा सिंह, डॉ दान सिंह जाखड़, डॉ रीमा कुमारी, डॉ फरहीन अख्तर, रजनीश कुमार आदि मौजूद थे ।


पूर्णिया से पंकज भारतीय की रिपोर्ट

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डीजीपी अचानक पहुँचे पूर्णिया ,कहा – 15 दिन में फर्क पहुँचे तो फोन कीजियेगा

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पूर्णिया : पंद्रह दिन के बाद आपको फर्क महसूस हो तो हमे फ़ोन कर जरूर बताइयेगा, थैंक्स पूर्णिया। उक्त बातें किसी राजनेता ने नहीं बल्कि शुक्रवार को अचानक पूर्णिया पहुंचे सूबे के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने प्रस्थान करने के क्रम में चलते-चलते मीडिया से कही। दरअसल डीजीपी श्री पांडेय पूर्णिया डीआईजी कार्यालय कटिहार से बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे थे। उनके आने की सूचना से पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में सभी एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष को डीआईजी कार्यालय तलब किया गया। वहां लगभग 45 मिनट की बैठक के बाद जब डीजीपी बाहर निकले तो किसी राजनेता की तरह 15 दिन में आल इज वेल होने का दावा कर दिया। देखना दिलचस्प होगा कि लूट, हत्या और चोरी जैसे संगीन ताबड़तोड़ अपराध के बीच बेदम पूर्णिया डीजीपी साहेब के आश्वाशन के बाद कितना बदल पाता है। इस मौके पर डीआईजी राजेश त्रिपाठी, एसपी विशाल शर्मा,रेल एसपी कटिहार दिलीप कुमार मिश्र मौजूद थे ।

संगठित अपराध व शराब तस्करी को लेकर किया आगाह

डीआईजी कार्यालय में अधिकारियों की बैठक में डीजीपी श्री पांडेय ने अपने अंदाज में कभी कर्तव्य निष्ठा की याद दिलाया तो कभी हड़काया भी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीजीपी ने संगठित अपराध और शराब तस्करी को लेकर चेतावनी दिया। कहा कि अगर कोई थानेदार माफिया तत्वों से संबंध रखा तो उसकी खैर नही है। संगठित अपराध और अपराधी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई को कहा। वहीं साफ साफ कहा कि जिस थाने में शराब की तस्करी होगी, उस थानेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी लाने और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर जोर दिया। जाते जाते डीजीपी ने कहा कि उन्हें परिणाम चाहिए ।

डीजीपी ने कहा – हम सिस्टम को ठीक करने आये हैं

पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद डीजीपी शहर के खजांची हाट थाना पहुचे जहां उन्होंने स्टेशन डायरी, एफआईआर, चार्जशीट, मालखाना से जुड़े फ़ाइल का अवलोकन किया। सूत्र बताते हैं कि मालखाना की स्थिति पर डीजीपी असन्तुष्ट नजर आए और उन्होंने थानाध्यक्ष विवेकानंद सिंह को कड़ी चेतावनी दी। डीजीपी की फटकार की तल्ख़ी डीजीपी के जाने के बाद भी नजर आई जब मालखाना को लेकर पूर्व थानाध्यक्ष सुजाता कुमारी और वर्तमान विवेकानंद सिंह एक दूसरे पर दोषारोपण करने लगे। बाद में एसडीपीओ आनंद कुमार पांडेय ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। थाना निरीक्षण के बाद डीजीपी ने मीडिया से कहा कि हम सिस्टम को ठीक करने आये हैं। कटिहार में लॉ एंड आर्डर की कोई समस्या नही है। दरअसल डीजीपी साहेब भूल गए कि वे कटिहार नही पूर्णिया में हैं। उसके बाद कहा कि अधिकारियों को समझा रहे हैं कि कैसे अपराधियों को खदेड़ना है और अपराध पर नियंत्रण करना है।

पूर्णिया से पंकज भारतीय की रिपोर्ट

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प्रथम ग्लोबल कांग्रेस का हुआ समापन, 5 से 7 जुलाई तक गंगटोक में पोस्ट कांग्रेस का आयोजन

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पूर्णिया : पूर्णिया विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी व क्रॉप साइंस पर आधारित तीन दिवसीय प्रथम ग्लोबल कांग्रेस का समापन गुरुवार को हो गया। समापन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो राजेश सिंह ने किया। जबकि सत्र को प्रति कुलपति डॉ आर एन यादव और क्रॉप साइंस के देश के नामचीन वैज्ञानिक डॉ के एस ढींढसा ने भी संबोधित किया। सत्र के अंत मे प्रतिभागियों के बीच विशिष्टता प्रमाण पत्र का वितरण कुलपति व अन्य द्वारा किया गया। उसके बाद समूह फ़ोटो सत्र का आयोजन हुआ ।दोपहर बाद वैज्ञानिकों की टीम कुलपति के साथ गंगटोक के लिए रवाना हो गई कृषि अभियंत्रण कॉलेज ,रानीपुल में 05 से 07 जुलाई तक पोस्ट कांग्रेस का आयोजन होना है, जिसका विषय “अगली पीढ़ी का अनुक्रमण और जीनोमिक्स का भविष्य “रखा गया है।

नई उम्मीद और संकल्प के साथ उदयपुर में फिर मिलेंगे : प्रो राजेश सिंह

यह पहला प्रयास था लेकिन इसकी सफलता हमे सतत प्रयासरत रहने की प्रेरणा दे रहा है। छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी से हम आह्लादित हैं। नई उम्मीद और नए संकल्प के साथ हम जल्द ही राजस्थान के उदयपुर में मिलेंगे जहां दूसरे ग्लोबल कांग्रेस का आयोजन किया जाएगा। उक्त बातें कुलपति प्रो राजेश सिंह ने ग्लोबल कांग्रेस के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने आधुनिक काल को ‘ कनेक्टिविटी एरा ‘ बताते हुए कहा की हमे ग्लोबल स्तर पर कनेक्ट होने की जरूरत है। अगर हम ऐसा नही करेंगे तो बाजारीकरण के इस दौर में पीछे छूट जाएंगे। कहा कि शिक्षा जगत में हो रहे प्रयोगों को अपनाना होगा ,तभी छात्र सफल हो सकेंगे। श्री सिंह ने कहा कि सीमांचल में आधारभूत संरचना की कमी है लेकिन संभावनाएं अपार है ।यहां उच्च शिक्षा का वातावरण तैयार करना हमारा लक्ष्य है , जिसके लिए सामूहिक प्रयास किये जा रहे हैं ।उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि आप न केवल पूर्णिया यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं बल्कि साउथ ईस्ट एशिया के 35 देशों के यूनिवर्सिटी के कंसोर्टियम से भी जुड़ रहे हैं ।उन्होने जीनोम प्रोजेक्ट की चर्चा करते हुए कहा कि आने वाला कल जीनोम का है और खुशी की बात है की पूसा और आई सी ए आर ने जीनोम प्रोजेक्ट पर सहयोग की स्वीकृति प्रदान किया है ,यहां मखाना जीनोम पर शोध कार्य किया जाएगा ।उन्होंने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बदलती दुनिया के खतरों से करें लोगों को आगाह : डॉ राजनाथ

प्रति कुलपति डॉ राजनाथ यादव ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए ग्लोबल कांग्रेस के उद्देश्य,लक्ष्य और टीम वर्क तथा उपयोगिता को रेखांकित किया
।उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के साये में पूरी दुनिया सिसक रही है और हम भविष्य के खतरों से वाकिफ होकर भी अनजान बने हैं जो चिंताजनक है ।उन्होंने बदलती दुनिया के खतरों से आम लोगों को भी आगाह करने की अपील किया ।कहा कि वक्त का तकाजा है कि हम कम से कम कृत्रिम खाद और कीटनाशक का प्रयोग करें और खुद भी सुरक्षित रहें और आने वाली पीढ़ी को भी रोजमुक्त वातावरण उपलब्ध कराएं ।इसके लिए हमे शोधपरक शिक्षा को बढ़ावा देना होगा ।

पर्यावरण व जल संरक्षण विश्व की सबसे बड़ी जरूरत: डॉ ढींडसा

“तुम अपनी भुजाओं को उठाओ तो सही ,
मंजिल की ओर कदम बढ़ाओ तो सही ,
किसमे साहस है कि तुम्हे रोक सके ,
संसार तो झुकता है झुकाओ तो सही “।

इसी उद्घोष और आह्वान के साथ देश के जाने माने क्रॉप साइंस के वैज्ञानिक डॉ के एस ढींढसा ने ग्लोबल कांग्रेस के प्रतिभागियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि पर्यावरण और जल संरक्षण विश्व की सबसे बड़ी जरूरत है और इस दिशा में प्रयास के लिए नई पीढ़ी को आगे आना होगा ।नीति आयोग की रिपोर्ट की चर्चा करते हुए कहा कि 2020 के बाद गंभीर जल संकट की स्थिति पैदा होगी ।लिहाजा ऐसी कृषि तकनीक की जरूरत है जिसमे कम से कम जल का उपयोग हो ।ऐसे में जल संरक्षण की नई तकनीक विकसित करनी होगी ।श्री ढींडसा ने ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करते हुए कहा कि ग्लेशियर पिघल रहा है ,दावानल बढ़ रहा है और मैदानी इलाके में गर्मी में अप्रत्याशित बृद्धि हो रही है ,जिसपर विचार करने की जरूरत है ।अन्त में कुलपति श्री सिंह को देश का बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा कद बताते हुए पूर्णिया यूनिवर्सिटी के सतत विकासमान रहने की कामना किया ।

पूर्णिया से पंकज भारतीय की रिपोर्ट

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