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नालंदा

अपने बच्चों को बेचने पर मजबूर हुई मां, सीएम नीतीश के पैतृक गांव का मामला

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नालंदा : जिस संतान को पाने के लिए एक मां हर तरह के मंदिर में जाकर पूजा पाठ करती है ताकि उसके घर में एक नन्हा मुन्ना सा किलकारी खिले, लेकिन जब एक मजबूर मां आर्थिक तंगी की शिकार होकर अपने ही नन्हे-मुन्ने बच्चों को 50 हजार में बेचने के लिए बोली लगाए तो यह बात सुनने में शायद अजीबोगरीब लगता है लेकिन ऐसा ही कुछ मामला मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र नालंदा में देखने को मिल रहा है।

जहां एक मजबूर मां बीमारी से लाचार होकर अपने दोनों बच्चों को 50 हजार में बेचने के लिए बोली लगा रही थी, लेकिन मीडिया की पहल पर इस अनहोनी और एक मां के ऊपर से बच्चों का साया हटने से रोक लिया। गौरतलब है कि नालंदा में एक मां खुद का इलाज कराने के लिए अपने दो मासूम की कीमत लगा दी। खुद का इलाज कराने के लिए 50 -50 हजार में अपने बेटा और बेटी को बेचने के लिए बोली लगा दी। महिला टीवी रोग से ग्रसित है। 6 माह का पुत्र प्रिंस कुमार और दो साल की पुत्री आरती कुमारी दोनों कई माह से कुपोषण का शिकार है।

पीड़ित महिला सोनम देवी मायके पटना में ईंट भट्ठा पर काम करती है। तीन वर्ष पूर्व इसकी शादी सुमंत कुमार से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद महिला ने नालंदा जिला के रहने वाले संजय मांझी से मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद एक बेटा हुआ बेटा के जन्म के बाद खान पान में कमी हुई। जिसके कारण महिला को मार्च 2019 में टीवी जैसी बीमारी से ग्रसित हो गयी है। महिला ने जब अपने पति से इलाज कराने को कहा तो इसका दूसरा पति छोड़ कर फरार हो गया। उसके बाद इलाज के अभाव में इधर उधर भटकती रही।

मगर उसे उचित इलाज नही मिला। जिसके कारण इसका बेटा भी कुपोषण का शिकार हो गया महिला अपना इलाज के लिए हरनौत प्रखंड के कल्याण विगहा अस्पताल गई जहां से इसे बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया। महिला ने बताया कि वह कल्याण विगहा में भर्ती के दौरान कई जगह अपने बीमारी की इलाज के बारे में लोगो को बताया लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। तब जाकर महिला अपने दोनों बच्चो को लेकर अस्पताल पहुंची और दोनों बच्चो को बेचने लिए ग्राहक खोजने लगी।

इस बात की जानकारी जब पत्रकारों को लगी तो अस्पताल पहुंचकर महिला के बीमारी के बारे में पता किया इसके बाद इस संबंध में नालंदा के डीएम योगेंद्र प्रसाद से बात किया तो डीएम ने बिना समय गवाए अस्पताल प्रबंधक को भेजा और महिला एवं उसके दोनों बच्चो को सम्पूर्ण इलाज नि:शुल्क कराने का निर्देश दिया। अस्पताल प्रबंधक सुरजीत कुमार ने महिला और उसके दोनों बच्चो को भर्ती कर इलाज शुरू कराया। अस्पताल प्रबंधक ने बताया की महिला को अब अपना बच्चा को बेचने की जरूरत नही है उसे हर सुविधा अस्पताल में उपलब्ध करा दी गई है।

नालंदा से ऋषिकेश की रिपोर्ट

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नालंदा

अवैध संबंधों के विरोध करना पति को पड़ा भरी, गवानी पड़ी जान

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नालंदा : जिले के करायपरशुराय में पत्नी के अवैध संबंध का विरोध करना पति को भारी पड़ गया, उसे अपनी जान गवानी पड़ी। पुलिस ने आरोपित पत्नी को हिरासत में ले लिया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि गलिम पुर गांव निवासी राजाराम प्रसाद का खून से लथपथ अवस्था में शव उनके ही घर से पुलिस ने बरामद किया। बताया जाता है कि मृतक अपनी पत्नी मुन्नी देवी की चाल चलन से काफी दुखी था।

पत्नी की बदचलन आदत का जब उन्होंने विरोध किया तो कलयुगी पत्नी ने ही धारदार हथियार से हमला कर पति को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद करीब 4 घंटे तक लाश को घर में ही छुपाए रखा। वहीं इस सनसनीखेज मामला का खुलासा तब हुआ जब मृतक राजा राम की बहन रेनू देवी अपने भाई के घर पहुंची और घर के आंगन में अपने भाई का खून से लथपथ लाश देख सन्न रह गई। भाई की लाश देखते ही बहन ने शोर मचाया फिर गांव और आसपास के लोग घर के पास जुटे उसके बाद पुलिस को इस घटना की तुरंत सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अवधेश कुमार दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सबको अपने कब्जे में लेते हुए मौके पर से ही मृतक की पत्नी मुन्नी देवी को हिरासत में ले लिया। वहीं इस घटना के संबंध में डीएसपी इम्तियाज अहमद ने बताया कि अभी तक इस मामले में मिर्तक के परिजनों की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है। लेकिन शक के आधार पर पुलिस पूछताछ हेतु पत्नी को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में पुलिस हर बिंदु की जांच कर रही है।

नालंदा से ऋषिकेश की रिपोर्ट

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नालंदा

नालंदा पुलिस की बड़ी सफलता, अंग्रेजी शराब की खेप बरामद

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नालंदा : सोमवार का दिन हरनौत पुलिस के लिये लकी दिन सावित हुआ। हरनौत और वेना थाना पुलिस के संयुक्त कार्रवाई में करीब पांच सौ बोतल अंग्रेजी शराब का खेप वरामद की गई। हालांकि इस बड़ी कार्यवाई में धंधेबाज भाग निकला। धंधेबाज की पहचान अम्बेदकर नगर स्थित देवनंदन यादव के पुत्र लड्डू यादव के रूप में की गई है। शराब की खेप सेंट्रल बैंक के पीछे सामुदायिक भवन के पास लड्डु यादव के निजी मकान से वरामद की गई है।

थानाध्यक्ष रितुराज ने बताया कि वरीय अधिकारी को लड्डू यादव के निजी मकान में शराब की बड़ी खेप होने को सूचना मिली थी। वरीय अधिकारी के द्वारा त्वरित कार्यवाई करते हुए छापेमारी टीम गठित की गई। जिसमें हरनौत और वेना थाना अध्यक्ष को छापेमारी का कमान सौंपा गया। छापेमारी के समय आरोपित के घर को चारों तरफ से घेराबंदी कर कोने कोने तलासी ली गई। जहाँ से शराब की बड़ी खेप वरामद की गई।

कुछ ही मामलों में पुलिस करती है कार्यवाई

छापेमारी सोनवार को दोपहर बाद हुई । सुत्रों की माने तो पुलिस चाहती तो धंधेबाज भी पुलिस के हत्थे चढ़ जाता.लेकिन इसे संयोग ही कहें कि घर के महिलाएं भी भाग खड़ी हुई हालांकि छापेमारी के दौरान पुलिस को महिलाओं के द्वारा विरोध का सामना करना पड़ा। छापेमारी सोमवार को दोपहर बाद हुई । इस तरह का शराब का खेप हरनौत क्षेत्र में बहुत है, लेकिन कुछ ही मामलों में पुलिस कार्यवाई करती है । ग्रामीणों की मानें तो इन शराब के काले खेल में पुलिस के अधिकारी भी संलिप्त रहते हैं ।

तहखाने में रखा था शराब।

धंधेबाज के द्वारा शराब व्यवसाय  बड़े पैमाने एवं सुरक्षित तरीके से की गई थी। वावजूद कोई निजी लोग के द्वारा ही इसे उद्भेदन किया गया होगा पुलिस के अनुसार शराब का पहला खेप किचेन के ऊपर बॉक्स में रखा हुआ था, जो छत के ऊपर से लोहे के सीट से ढंका हुआ था। वहीं दूसरा खेप किचेन रूम में टाइल्स के नीचे बने हुए तहखाने से वरामद की गई।

शराब खोजने में पुलिस को करना पड़ा माथापच्ची

गुप्त सूचना के वावजूद भी शराब खोजने में पुलिस को काफी माथापच्ची करना पड़ा। पहला राउंड में शराब नहीं मिलने से पुलिस पेशोपेश में पड़ गई, लेकिन गुप्त सूचना के अनुसार शराब होने की पुष्टि सौ प्रतिशत था। जहाँ से शराब वरामद की गई.सभी शराब हरियाणा का बना हुआ है। पुलिस के अनुसार इसे चुनाव के समय ही मंगाया गया होगा।

नालंदा से ऋषिकेश की रिपोर्ट

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नालंदा

कार्यपालक सहायकों की बहाली को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश

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नालंदा : जिले में कार्यपालक सहायकों को बहाल नहीं किए जाने को लेकर उनमें खासा आक्रोश देखा जा रहा है। इस संबंध में कार्यपालक सहायक अभ्यर्थी द्वारा आज समाहरणालय पहुंच अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री सरवन कुमार से भी मुलाकात कर शीघ्र नियोजन कराने की मांग की गई।

मालूम हो कि कार्यपालक सहायक अभ्यर्थियों की परीक्षा और साक्षात्कार जनवरी 2019 में ही कर लिया गया लेकिन तब से आज तक कार्यपालक सहायक नियोजन के इंतजार में बैठे हैं। इस संबंध में अभ्यर्थियों द्वारा बताया गया कि समाहरणालय स्थित स्थापना शाखा में कर्मचारी से बात करते हैं तो लगातार उन्हें नई तारीख दे दी जाती है। करीब 7 माह से नियोजन के इंतजार में कार्यपालक सहायक अभ्यर्थी बैठे हैं लेकिन उन लोगों का नियोजन नहीं हो पा रहा है।

करीब 323 अभ्यर्थियों नालंदा जिले में है। इनका कहना है कि बिहार के अन्य जिलों में नियोजन कर लिया गया है। पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव द्वारा 10 जून से पहले नियोजन कर लेने की बात कही गई थी लेकिन अब तक नालंदा में नियोजन का काम अधर में लटका है। इस संबंध में अधिकारियों से मुलाकात के बाद आश्वासन दिया गया।

नालंदा से ऋषिकेश की रिपोर्ट

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