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किशनगंज

किशनगंज के छात्र ने लाया एम्म में 43 वां रैंक, भाई के सपनों के लिए बहन ने छोड़ी थी नौकरी

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किशनगंज : जिले के एक इंजीनियर बहन ने अपने भाई का भविष्य बनाने के लिए अपनी इंजीनियर की नौकरी इसलिए छोड़ दी। क्यों कि उनके डॉक्टर पिता का देहांत हो चूका था, और घर को संभालने के लिए कोई और नहीं था। जिसके बाद भाई ने भी अपने बहन की क़ुरबानी को खाली नहीं जाने दिया। उसने इतनी लग्न और कड़ी मेहनत से पढाई किया कि ऐम्स एंट्रेंस एमबीबीएस की परीक्षा में देशभर में 43वां रैंक लाकर अपने बहन और पिता के सपने को साकार किया है। बिहार के इस बेटे ने ऐम्स में बेहतरीन बाजी मारकर किशनगंज के साथ-साथ बिहार के नाम को भी रौशन किया है। बताया जाता है कि अभिनव की बड़ी बहन दिव्या चंडीगढ़ में इंजीनियर की नौकरी कर रही थी। पिता के मौत की खबर सुनते ही नौकरी छोड़कर किशनगंज आ गयी। ताकि भाई को डॉक्टर बनाकर पिता का सपना को पूरा सके। वहीं अभिनव ने बताया कि वो अपने पिता के तरह सफल डॉक्टर बनकर किशनगंज के लोगों का सेवा करेंगे। अपनी कड़ी मेहनत से बिहार के इस लाल ने बिहार के नाम को देश दुनिया में रोशन किया है। साथ ही सीमांचल के लोगों को इस लाल से उम्मीद है कि सफल चिकित्सक बनकर सीमांचल के गरीबों को दर्द में मलहम जरुर लगाएगा।

किशनगंज से कौशल की रिपोर्ट

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किशनगंज

सेमीफ़ाइनल में भारत की हार ने ली क्रिकेट प्रेमी की जान

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किशनगंज : वर्ल्डकप क्रिकेट के सेमीफ़ाइनल मैच में टीम इंडिया की हार को एक क्रिकेट प्रेमी बर्दास्त नहीं कर पाया। टीवी पर खेल देखने के क्रम में हार की खबर देखते ही हृदय गति रुकने से उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद से ही उसके परिवार में मातम छाया है। मृतक अपने पीछे दो बेटी और एक बेटा छोड़ गया है। यह पूरा मामला किशनगंज के डुमरिया भट्ठा मोहल्ले का है। मृतक का नाम अशोक पासवान बताया जाता है। जो लगभग 49 वर्ष का था। वह किशनगंज के सदर अस्पताल में ड्रेसर के पद पर कार्यरत था। भारत में क्रिकेट को खेल नहीं धर्म माना जाता है। क्रिकेट प्रेमी क्रिकेट खिलाड़ी को भगवान मानते है। हदों से पार जाकर इस खेल से मोहब्बत की जाती है।

इससे परे क्या कोई क्रिकेट प्रेमी टीम इंडिया की हार पर इतना दुखी हो सकता है कि उसकी जान चली जाय ? अशोक पासवान इन्हीं क्रिकेट प्रेमियों में से एक थे। वो किशनगंज सदर अस्पताल में ड्रेसर के पद पर नियुक्त था। हर रोज की भांति  अस्पताल के  डियूटी से छुट्टी के बाद अशोक घर लौटा और अपने टेलीविजन पर वोल्ड कप क्रिकेट का मैच देखने लगा। मैच के दौरान टीम इंडिया के धुरंधर खिलाड़ी  जडेजा और धोनी की बैटिंग चल रही थी। जिसे देखकर क्रिकेट प्रेमी अशोक बेहद रोमांचित हो रहे थे। और इसी बीच टीम इंडिया हार गया और वर्ल्डकप मैच से बहार हो गया। इस बात से अशोक को ऐसा सदमा लगा की उसकी हृदय गति ही रुक गयी।

आनन फानन में उसे इलाज के लिए  सदर अस्पताल में लाया गया ,यहां डोक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया सेमीफ़ाइनल क्रिकेट में न्यूजीलैंड की टीम ने 239 रनों का लक्ष्य दिया था लेकिन भारतीय टीम 18 रनों से यह मैच हार गयी। अशोक के तरह टीम इंडिया का हजारों फैन है लेकिन उनसे गुजारिस है कि खेल को खेल की तरह से देखे। इसे अपने दिल और दिमाग पर न लें।

किशनगंज से कौशल की रिपोर्ट

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किशनगंज: आठ एएसआई समेत दस पुलिसकर्मी निलंबित, ड्यूटी में लापरवाही का आरोप

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किशनगंज : कर्तव्यहीनता के आरोप में जिले के दस पुलिसकर्मी निलंबित कर दिया गया है। राज्य पुलिस मुख्यालय के आदेश पर एसपी कुमार आशीष ने किया निलंबित। आठ एएसआई और दो हवलदार को निलंबित किया गया है। एएसआई मुहम्मद शमीम, धर्मेंद्र कुमार,उपेंद्र पासवान,बीणा ठाकुर,उदय शंकर सिंह,शंभु पासवान,अश्विनी कुमार,भूषण सिंह,हवलदार भिंदर भगत और हरिंदर सिंह पर गाज गिरी है। बता दें कि इन पुलिसकर्मियों पर लोकसभा चुनाव ड्यूटी में लापरवाही का आरोप है।   किशनगंज से संतोष कुमार की रिपोर्ट

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लोकसभा चुनाव में किशनगंज सीट से मिली हार का आकलन करने के लिए जुटे बीजेपी और जदयू नेता

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किशनगंज : लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए के 39 सीटों पर जीत हासिल करने और मुस्लिम बहुल जिला किशनगंज लोकसभा के एक सीट पर हार के बाद किशनगंज के बीजेपी और जदयू नेता हार का आकलन करने में जुट गए हैं। हालांकि बीजेपी के पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह ने किशनगंज के मुस्लिम वोटरों पर एनडीए के पक्ष में वोट नही देने का आरोप लगाया है, साथ ही कहा कि नरेंद्र मोदी और भाजपा का जो हिन्दू वोट है वो एनडीए के पक्ष में मतदान किया जिसके बदौलत किशनगंज में जदयू दुसरे स्थान पर है। लेकिन जो वोट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का था वो वोट एनडीए के पक्ष में नहीं डाला गया। उन्होंने बताया कि किशनगंज से जदयू प्रत्यासी सैय्यद महमूद असरफ थे और उसके पैत्रिक गांव बायसी से मुस्लिम मतदाताओं ने जदयू के पक्ष में मतदान ना कर कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर दिया। जिससे 34,495 मतों से कांग्रेस की जीत हुई।

उधर जदयू विधायक मुजाहिद आलम ने बीजेपी के पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह के आरोपों को दरकिनार कर कहा कि जदयू को सभी जाति का वोट मिला है। उन्होंने बताया कि किशनगंज का सीट बिहार ही नही हिंदुस्तान का सबसे कठिन सीट था। उन्होंने बताया कि हमलोगों की रणीनीति में कमी के कारण इस सीट में हार मिली। उन्होंने विस्तार से बताया की चुनाव के दौरान एआइएमआइएम (AIMIM) और कांग्रेस मुसलमान वोटरों में एनडीए के खिलाफ डर दिखाने का काम किया, जिसे दूर करने का काम भी किया गया था। उन्होंने माना कि उनके प्रत्याशी सैय्यद महमूद असरफ के गृह क्षेत्र बायसी से उम्मीद से कम वोट मिलने के कारण भी हार का कारण बना।

किशनगंज से कौशल की रिपोर्ट

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