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किशनगंज

हर्षिता संदिग्ध मौत प्रकरण में राजनीति चरम सीमा पर ,डीएसपी ने कहा की जा रही है मामले की जांच

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किशनगंज : किशनगंज के बहुचर्चित हर्षिता संदिग्ध मौत प्रकरण में राजनीति चरम सीमा पर है ,हर्षिता की मौत स्कुल के वाईस प्रिंसिपल संजय साहा के प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने 29 अप्रैल को ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान दे दी थी । एक तरफ जहाँ मृतिका छात्रा के परिजन इन्साफ के लिए प्रशासन से गुहार लगा रही है तो छात्रा की मौत पर राजनेता भी अपनी राजनीति की रोटी सेखने के लिए कोई भी कसर नही छोड़ना चाहती है।

ऐसा ही कुछ मामला बीजेपी के पूर्व विधायक सिकंदर सिंह और AIMIM नेत्री डॉ तारा स्वेता आर्या के बीच हुयी  । दरअसल किशनगंज के तेरापंथ भवन में बाल मंदिर स्कुल के ट्रस्टियो के साथ एक बैठक चल रहा था ,जिस बैठक में  अपने दर्जनों समर्थकों के साथ पूर्व विधायक सिकंदर सिंह शामिल हुए । उसके उपरांत AIMIM नेत्री डॉ तारा स्वेता आर्या पटना से आयी महिला विकास मंच के तीन सदस्यों के साथ बैठक में भाग लेने पहुची ।  महिला विकास मंच के सदस्यों ने अपनी बात रखी उसके बाद बैठक रखी कि हंगामा आरंभ हो गया । हंगामा इतना बढ़ गया की एक दुसरे पर कुर्सियां फेकने लगे ।

बाद में दोनों पक्षों के ओर से किशनगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाया गया । जहाँ AIMIM नेत्री डॉ तारा स्वेता ने बीजेपी के पूर्व विधायक सहित दर्जनों लोगो के खिलाफ मानहानि और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज करवायी है तो वही पूर्व विधायक सिकंदर सिंह ने AIMIM नेत्री डॉ तारा स्वेता पर राजनीति से प्रेरित होकर जान बुझकर हंगामा करने बैठक पर आने का आरोप लगाया  ।

सिकंदर सिंह ने किशनगंज  कि AIMIM नेत्री पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए बताया कि फर्जी  महिलाओ को महिला आयोग की टीम बताकर धोखा देने के काम किया है ,ऐसी महिलाओ पर पुलिस नकेल कसने का काम करे  । जबकि पटना से आयी महिला विकास मंच की मुख्य संरक्षक ने घटना को दुखद बताया और कहा कि हमलोगों पर पच्चास की संख्या में लोग टूट पड़े थे।  उन्होंने बताया कि यहाँ महिलाये सुरक्षित नही है । उधर किशनगंज के हेड क्वाटर डीएसपी ने बताया कि डॉ तारा स्वेता के द्वारा एक लिखित शिकायत दिया गया है जिसमे दर्जनों  लोगो पर दुर्व्यवहार का आरोप लगायी है साथ ही  डीएसपी ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।

किशनगंज से कौशल कुमार की रिपोर्ट

 

 

 

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किशनगंज

सेमीफ़ाइनल में भारत की हार ने ली क्रिकेट प्रेमी की जान

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किशनगंज : वर्ल्डकप क्रिकेट के सेमीफ़ाइनल मैच में टीम इंडिया की हार को एक क्रिकेट प्रेमी बर्दास्त नहीं कर पाया। टीवी पर खेल देखने के क्रम में हार की खबर देखते ही हृदय गति रुकने से उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद से ही उसके परिवार में मातम छाया है। मृतक अपने पीछे दो बेटी और एक बेटा छोड़ गया है। यह पूरा मामला किशनगंज के डुमरिया भट्ठा मोहल्ले का है। मृतक का नाम अशोक पासवान बताया जाता है। जो लगभग 49 वर्ष का था। वह किशनगंज के सदर अस्पताल में ड्रेसर के पद पर कार्यरत था। भारत में क्रिकेट को खेल नहीं धर्म माना जाता है। क्रिकेट प्रेमी क्रिकेट खिलाड़ी को भगवान मानते है। हदों से पार जाकर इस खेल से मोहब्बत की जाती है।

इससे परे क्या कोई क्रिकेट प्रेमी टीम इंडिया की हार पर इतना दुखी हो सकता है कि उसकी जान चली जाय ? अशोक पासवान इन्हीं क्रिकेट प्रेमियों में से एक थे। वो किशनगंज सदर अस्पताल में ड्रेसर के पद पर नियुक्त था। हर रोज की भांति  अस्पताल के  डियूटी से छुट्टी के बाद अशोक घर लौटा और अपने टेलीविजन पर वोल्ड कप क्रिकेट का मैच देखने लगा। मैच के दौरान टीम इंडिया के धुरंधर खिलाड़ी  जडेजा और धोनी की बैटिंग चल रही थी। जिसे देखकर क्रिकेट प्रेमी अशोक बेहद रोमांचित हो रहे थे। और इसी बीच टीम इंडिया हार गया और वर्ल्डकप मैच से बहार हो गया। इस बात से अशोक को ऐसा सदमा लगा की उसकी हृदय गति ही रुक गयी।

आनन फानन में उसे इलाज के लिए  सदर अस्पताल में लाया गया ,यहां डोक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया सेमीफ़ाइनल क्रिकेट में न्यूजीलैंड की टीम ने 239 रनों का लक्ष्य दिया था लेकिन भारतीय टीम 18 रनों से यह मैच हार गयी। अशोक के तरह टीम इंडिया का हजारों फैन है लेकिन उनसे गुजारिस है कि खेल को खेल की तरह से देखे। इसे अपने दिल और दिमाग पर न लें।

किशनगंज से कौशल की रिपोर्ट

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किशनगंज के छात्र ने लाया एम्म में 43 वां रैंक, भाई के सपनों के लिए बहन ने छोड़ी थी नौकरी

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किशनगंज : जिले के एक इंजीनियर बहन ने अपने भाई का भविष्य बनाने के लिए अपनी इंजीनियर की नौकरी इसलिए छोड़ दी। क्यों कि उनके डॉक्टर पिता का देहांत हो चूका था, और घर को संभालने के लिए कोई और नहीं था। जिसके बाद भाई ने भी अपने बहन की क़ुरबानी को खाली नहीं जाने दिया। उसने इतनी लग्न और कड़ी मेहनत से पढाई किया कि ऐम्स एंट्रेंस एमबीबीएस की परीक्षा में देशभर में 43वां रैंक लाकर अपने बहन और पिता के सपने को साकार किया है। बिहार के इस बेटे ने ऐम्स में बेहतरीन बाजी मारकर किशनगंज के साथ-साथ बिहार के नाम को भी रौशन किया है। बताया जाता है कि अभिनव की बड़ी बहन दिव्या चंडीगढ़ में इंजीनियर की नौकरी कर रही थी। पिता के मौत की खबर सुनते ही नौकरी छोड़कर किशनगंज आ गयी। ताकि भाई को डॉक्टर बनाकर पिता का सपना को पूरा सके। वहीं अभिनव ने बताया कि वो अपने पिता के तरह सफल डॉक्टर बनकर किशनगंज के लोगों का सेवा करेंगे। अपनी कड़ी मेहनत से बिहार के इस लाल ने बिहार के नाम को देश दुनिया में रोशन किया है। साथ ही सीमांचल के लोगों को इस लाल से उम्मीद है कि सफल चिकित्सक बनकर सीमांचल के गरीबों को दर्द में मलहम जरुर लगाएगा। किशनगंज से कौशल की रिपोर्ट

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किशनगंज: आठ एएसआई समेत दस पुलिसकर्मी निलंबित, ड्यूटी में लापरवाही का आरोप

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किशनगंज : कर्तव्यहीनता के आरोप में जिले के दस पुलिसकर्मी निलंबित कर दिया गया है। राज्य पुलिस मुख्यालय के आदेश पर एसपी कुमार आशीष ने किया निलंबित। आठ एएसआई और दो हवलदार को निलंबित किया गया है। एएसआई मुहम्मद शमीम, धर्मेंद्र कुमार,उपेंद्र पासवान,बीणा ठाकुर,उदय शंकर सिंह,शंभु पासवान,अश्विनी कुमार,भूषण सिंह,हवलदार भिंदर भगत और हरिंदर सिंह पर गाज गिरी है। बता दें कि इन पुलिसकर्मियों पर लोकसभा चुनाव ड्यूटी में लापरवाही का आरोप है।

 

किशनगंज से संतोष कुमार की रिपोर्ट

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