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बिहार

सिस्टम के खिलाफ रिटायर्ड इंजीनियर का अनोखा जुलूस, नाच-गाकर जताया विरोध

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SAMASTIPUR : समस्तीपुर के रोसड़ा शहर में एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर द्वारा सरकारी सिस्टम की खामियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से निकाला गया एक अनोखा जनजागरण जुलुस लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अनोखे जुलुस में आमलोगों के प्रतिक के तौर पर गदहे को सजाया गया था जबकि बैंड बाजे के साथ देशभक्ति गानों की धुन पर नर्तकियों के साथ 70 साल के इंजीनियर को खुद भी डांस करते देख लोग अचम्भित हो रहे थे।

बता दें कि रिटायर्ड इंजीनियर रामचंद्र महतो ने चेतना जनजागरण समिति नाम से एक सामाजिक संस्था बनाया हुआ है जो समय समय पर सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम करती है। उनके संस्था से अधिकतर रिटायर्ड कर्मी ही जुड़े हुए हैं। जो अपने खाली समय में समाज की बेहतरी के लिए क्या कुछ किया जा सकता है इसके लिए बैठक करविचार विमर्श करते हैं।

इंजीनियर का मानना है कि उन्होंने जुलुस में गदहे को इसलिए शामिल किया है ताकि लोग इसे देख कर एहसास करें कि बिना विवेक पूर्ण सोच के लोग आज इसी गदहे के सामान ही अपने मालिक के किसी भी बोझ को ढोता रहता है।उनका यह भी कहना था कि जो लोग खुद सक्षम है उन्हें अपने अलावे सरकारी व्यवस्था से पीड़ित समाज के गरीब और लाचार लोगों की सहायता के लिए भी आगे आने की जरूरत है।

जुलुस में सरकारी सिस्टम में सुधार को लेकर स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर भी लगाया गया था।जुलुस में काफी संख्या में महिला पुरुष और बच्चे भी शामिल थे। जुलुस जिस रास्ते से गुजरता ,,लोगों को ध्यान आकृष्ट कराने के लिए इस अनोखे तरीके को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता था।

समस्तीपुर से रमेश शंकर की रिपोर्ट …

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डबल मर्डर से दहला बक्सर, लूटपाट के दौरान नशेड़ी ने धारदार हथियार से ली जान

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BUXAR : बक्सर जिले के बगेन थाना क्षेत्र के भदवर में शनिवार शाम को बदमाशों ने दो युवकों की लाठी-डंडे और धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। दोनों का शव रात करीब 7 बजे गांव के बगीचे के पास देखा गया,मृतकों की पहचान बरुआ गांव निवासी योगेंद्र पांडेय और कुरुथिया गांव निवासी प्रदीप साह के रूप में हुई है।

घटना की जानकारी होते ही दोनों गांवों के बीच सरेशाम हुए इस दोहरी हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिजनों ने बताया कि दोनों बाजार जाने के लिए घर से निकले थे,लेकिन देर शाम तक नहीं लौटे तो घर वालों को लगा कि बाजार में ही लेट हो गई होगी, लेकिन रात में घटना की जानकारी मिली,उन्होंने कहा कि मृतकों का किसी से कोई भी विवाद नहीं था,उन्होंने बताया कि गांव के ही बजरंगी तिवारी जो कि नशेड़ी हैं और उसने इसलोगो के पास पैसा देख लिया और उन्होंने इनसे पैसे छीनने की नीयत से धारदार हथियार से हमला कर दिया होगा, जिससे इनकी मौत हो गई। इनके जेब में लगभग 30 हजार रुपये थे।

वहीं पुलिस ने इस मामले में दो लोगो को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया है, तथा हरेक पहलुओं पर बारीकियों से जांच शुरू कर दी हैं ताकि इस दोहरे हत्याकांड के कारणों का खुलासा जल्द से जल्द किया जा सके ।

बक्सर से संजय कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट …

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‘शहीद कमलेश अमर रहे’ से गूंजा लखनपुरा गांव, शहीद के पीछे-पीछे चल पड़ी हजारों की भीड़

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PATNA : जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद हुए जवान कमलेश कुमार का शव जब तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो भारत माता की जय, और शहीद कमलेश अमर रहे के नारे से पूरा इलाका गूंज उठा । वहीं पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगे।

एक साल पहले यानी 2018 में सेना में 19 साल के कमलेश भर्ती हुए थे। पाकिस्तान की गोलाबारी में शुक्रवार को शहीद हुए कमलेश की ट्रेनिंग खत्म करने बाद ये पहली ही पोस्टिंग थी। ट्रेनिंग खत्म होने बाद कमलेश गांव आए थे लेकिन दोबार उनके शहीद होने की ही खबर गांव में पहुंची।

19 साल के इस शहीद का शव शनिवार की शाम पटना लाया गया था। शनिवार को शहीद के शव को दानापुर कैंट में रखा गया था जिसे रविवार की सुबह दानापुर से उनके पैतृक गांव लखनपुरा लाया गया।शहीद के कारवां के साथ लोग जुड़ते गए और इस शव यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। सभी के हाथों मे तिरंगा था जो वीरगति को प्राप्त हुए कमलेश कुमार अमर रहे और भारत माता की जय का नारा लगा रहे थे।

इससे पहले 19 साल के कमलेश का पार्थिव शरीर शनिवार को पटना पहुंचा था लेकिन बिहार के इस वीर जवान को अंतिम विदाई देने के लिए बिहार सरकार का कोई मंत्री या बड़ा अधिकारी पटना एयरपोर्ट नहीं पहुंचा था। पटना एयरपोर्ट पहुंचने पर सेना के अधिकारियों ने कमलेश के शव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया था।वहीं शहीद कमलेश को अंतिम विदाई देने केंद्र सरकार में मंत्री और पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद और उनके साथ बीजेपी और जेडीयू के कई नेता उनके गांव पहुंचे।

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पितृपक्ष में परिवार हुआ एकजुट, देश-विदेश से एक ही परिवार के 80 सदस्य पहुंचे पिंडदान करने

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GAYA : गया में अन्तःसलिला फल्गु नदी में एक ही परिवार के 80 सदस्य एकजुट हो पिंडदान करने पहुंचे हैं। पिछले 45 वर्षों से परिवार का कोई विदेश तो कोई अन्य राज्यो में अपने परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी गुजार रहे हैं। कई सालों से परिवार के लोगों का यह सपना था कि कभी किसी कार्यक्रम में सभी परिवार एकसाथ हो लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और 45 साल से लोग दूर थे ।लेकिन पितरो की कृपा से पूरा परिवार एकजुट हो पिंडदान को पहुंचा है।

वहीं एक ही परिवार के पिंडदान करने आये बजरंग लाल गुप्ता ने बताया की हमलोग हरियाणा के लिजवाना ग्राम के निवासी है ये हमारे सारे परिवार के लोग है और हमलोग गयाजी में पितरो के मोक्ष के लिए पिंडदान करने के लिए आये है हमारे परिवार के लोग जो देश विदेश में जा कर वस् गए थे वह सभी लोग आज यंहा पर एक साथ होकर पिंडदान करने आये है हमलोग 40 दादा के परिवार यंहा पर आये हुए है हमलोग पूरे पितृपक्ष गया में रहेंगे और पिंडदान करने के बाद हमलोग सभी चले जायेगे हमलोग सिर्फ पिंडदान करने के लिए एकजुट हुए है । उन्होनें बताया कि परिवार के सभी सदस्य एकजुट होने के लिए 5वर्षो से प्रयास कर रहे थे। एक महीने पहले हमने परिवार के हर सदस्य के घर पर जा कर सूचना दिया और भगवान की कृपा हुई की सारा परिवार संगठित हो गया है।

परिवार की युवा सदस्य अंजली तायल ने बताया की हमलोग एक ही बाबा के परिवार के सदस्य हैं। पहले हमलोग एक साथ रिजवाडा में रहते थे के साथ फिर सभी लोग बिछड़ कर अलग -अलग राज्य में रहने लगे थे। कुछ लोग तो विदेश चले गए थे आज हमलोग एक साथ पूरा परिवार आये हैं, और पितरो के मोक्ष के लिए पिंडदान कर रहे है हमलोग का प्रयास पिछले कई वर्षो से चल रहा था की एकजुट होकर पिंडदान करें।

वहीं गया के फल्गु नदी में पिंडदान करा रहे पंडा संजय ने बताया की हमारे जो पिंडदानी है अलग -अलग राज्य से और विदेश से आये है एक ही परिवार के है तायल गोत्र के है और सब मिलकर मेरे साथ परिवार के 80 लोग है जिनका पितरो का श्राद्ध फल्गु नदी में कराया जा रहा है गया में आज इनका पहला श्राद्ध कराया जा रहा है फल्गु में तो गुप्त फल मिलता है और गुप्त फल जंहा प्राप्त हो उसे फल्गु कहते हैं।

गया से राकेश कुमार की रिपोर्ट …

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