पुणे: कोरोना पेशेंट को न वेंटिलेटर मिला, न एंबुलेंस, ठेले पर ले जाना पड़ा शव

कोरोना से मरने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. वहीं कोरोना मरीजों और उनके शवों के साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव ने भी इंसानियत को शर्मसार किया है. पुणे में एक कोरोना मरीज को अस्पताल में न वेंटिलेटर मिला और न ही मौत होने के बाद उसके शव के लिए एंबुलेंस का इंतजाम किया गया. उसके शव को ठेले पर रखकर श्मशान घाट तक ले जाया गया.

पुणे: कोरोना पेशेंट को न वेंटिलेटर मिला, न एंबुलेंस, ठेले पर ले जाना पड़ा शव

कोरोना से मरने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. वहीं कोरोना मरीजों और उनके शवों के साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव ने भी इंसानियत को शर्मसार किया है. पुणे में एक कोरोना मरीज को अस्पताल में न वेंटिलेटर मिला और न ही मौत होने के बाद उसके शव के लिए एंबुलेंस का  इंतजाम किया गया. उसके शव को ठेले पर रखकर श्मशान घाट तक ले जाया गया. 

महाराष्ट्र में जहां कोरोना दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. वहीं कोरोना संक्रमित मरीजों से जुड़ी लापरवाही भी देखने को मिल रही है. पुणे के एक अस्पताल में 40 साल के कोरोना संक्रमित व्यक्ति को पहले वेंटिलेटर नहीं मिला, जिसके चलते उसकी मौत हो गई. फिर उसके शव के लिए एंबुलेंस का इंतजाम भी नहीं हो सका. यह मामला पुणे शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर खानापुर गांव का है. 

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में पीपीई किट पहने लोग गांव से ठेले पर शव को ले जाते साफ देखे जा सकते हैं. गांव वालों का कहना है कि मृतक मछली का व्यापार करता था. सोमवार को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. फिर उसे अस्पताल ले जाया गया. फिर अस्पताल ने उसे छुट्टी देने के लिए 40 हजार रुपये मांगे. फिर गांव वालों ने पैसा जमाकर बिल भरा. लेकिन अस्पताल के पास वेंटिलेटर बेड नहीं था. 

गांव के सरपंच ने जिला स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया है कि फोन करके एंबुलेंस की मांग की गई थी. लेकिन सभी ने कह दिया कि एंबुलेंस नहीं है. फिर शव को अंतिम संस्कार के लिए ठेले पर रखकर ले जाना पड़ा

शव को ठेले पर जाने के सवाल पर स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि 'एक मरीज के अंतिम संस्कार के लिए उचित व्यवस्था करना ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है. मुझे नहीं पता कि वह शव को ठेले पर क्यों ले गए. इसकी जांच की जा रही है.