कभी करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन थी ये एक्ट्रेस, अब जी रही हैं ऐसी Life, जानिए इनके बारे में.

कभी प्रेमिका बनकर, कभी पत्नी बनकर तो कभी मां बनकर फिल्म के किरदारों को सदाबहार बना देने वाली राखी गुलजार मुंबई से दूर पनवेल में अपने फार्महाउस में अपना अधिकतर वक्त बिताती हैं. राखी को खेती करना बहुत पसंद है. रिपोर्ट्स के अनुसार उनके फार्महाउस पर कई पालतू जानवर भी हैं जिनकी वो देखभाल करती हैं. उनके फार्महाउस पर कई तरह की सब्जियां भी उगाई जाती हैं.

कभी करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन थी ये एक्ट्रेस, अब जी रही हैं ऐसी Life, जानिए इनके बारे में.

जब 'करन-अर्जुन' में दुर्गा सिंह ने दुर्जन सिंह की आंखों में आंखें डालकर ये कहा था कि- "मेरे बेटे आएंगे, मेरे करन-अर्जुन आएंगे, जमीन की छाती फाड़कर आएंगे, आसामन का सीना चीर कर आएंगे!" तब दर्शकों की तालियों से समां गूंज उठा था. जब बाजीगर में अजय की मां शोभा ने मदन चोपड़ा से कहा था कि "मां बेटे का भविष्य चुनती है, दुआएं चुनती है...उसके जिसम के टुकडे़ नहीं!" तब दर्शकों की आंखों से आंसू छलक आए थे.

Rakhi Gulzar

आज गुजरे वक्त की वही पुरानी अभिनेत्री चखाचौंध की दुनिया से परे अपने फार्महाउस में सुकून का जीवन बिता रही है. हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री राखी गुलजार  के बारे में. एक से एक यादगर किरदार देने वाली अभिनेत्री राखी इन दिनों बॉलीवुड की दुनिया से बिल्कुल दूर हैं.

कभी प्रेमिका बनकर, कभी पत्नी बनकर तो कभी मां बनकर फिल्म के किरदारों को सदाबहार बना देने वाली राखी गुलजार मुंबई से दूर पनवेल में अपने फार्महाउस में अपना अधिकतर वक्त बिताती हैं. राखी को खेती करना बहुत पसंद है. रिपोर्ट्स के अनुसार उनके फार्महाउस पर कई पालतू जानवर भी हैं जिनकी वो देखभाल करती हैं. उनके फार्महाउस पर कई तरह की सब्जियां भी  उगाई जाती हैं.

rakhi gulzar

राखी की बेटी और निर्देशक मेघना गुलजार बताती हैं कि उनकी मां को फार्महाउस में रहना पसंद है क्योंकि उनको जानवरों से और खेती-बाड़ी से बहुत लगाव है. मेघना के मुताबिक मुंबई शहर में होने वाले शोरगुल से राखी को बहुत घबराहट होती है जिससे वो काफी परेशान हो जाती हैं.