काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड की याचिका स्वीकार, 12 नवंबर को सुनवाई

काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड की याचिका स्वीकार, 12 नवंबर को सुनवाई

वाराणसी. काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद केस (Kashi Vishwanath-Gyanvapi Case) में कोर्ट ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) की रिविजिनल एडमिशन स्वीकार कर ली है. जिला जज ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को मामले में सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख दी है. इसमें केस की सुनवाई को लेकर क्षेत्राधिकार पर बहस होगी.

क्षेत्राधिकार पर होना है फैसला

दरअसल मामले में काशी विश्वनाथ मंदिर के पक्ष ने पुरातत्व सर्वेक्षण की मांग की थी, जिसमें अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने आपत्ति की. लेकिन फिर मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने प्रवेश किया और कोर्ट में याचिका दायर की. सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा कि मामले की सुनवाई लखनऊ वक्फ ट्रिब्यूनल में होनी चाहिए लेकिन 25 फरवरी को कोर्ट ने याचिका रद्द कर दी. इसके बाद बोर्ड ने रिविजिनल एडमिशन का आवेदन किया, जिसकी सुनवाई की तारीख 20 अगस्त को हुई.
अब 12 नवंबर होगी सुनवाई
मामले में तीनों पक्ष यानी भगवान विश्वेश्वर मंदिर पक्ष, अंजुमन इंतजामिया कमेटी मस्जिद पक्ष व सुन्नी वक्फ बोर्ड की बहस सुनने के बाद फैसला 22 अक्टूबर शाम 6 बजे दिया गया. गुरुवार शाम 6 बजे फैसला आने के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड की रिविजिनल एडमिशन स्वीकार कर ली गई है और अब 12 नवंबर को क्षेत्राधिकार पर सुनवाई होगी.

जिला जज ने सुनवाई में कहा कि अधीनस्थ अदालत ने अवधारित किया है कि वर्ष 1991 से लंबित इस मामले में उसे सुनवाई का अधिकार है. इस मामले में वक्फ बोर्ड लखनऊ को संदर्भित करने की आवश्यकता नहीं है. इस आदेश के खिलाफ सत्र अदालत को सुनवाई का अधिकार है. विपक्षी वाद मित्र की तरफ से पेश की गई नजीरें लागू नहीं होती. ऐसे में इस निगरानी को सिविल निगरानी के रूप में स्वीकार किया जाता है. इसे निगरानी याचिका दर्ज करते हुए निस्तारण और अग्रिम आदेश के लिए 12 नवंबर की तिथि मुकर्रर की जाती है.