चीन से तनाव के बीच ट्रंप दे सकते हैं भारत को झटका, एच1बी वीजा सस्पेंड करने की तैयारी

चीन से तनाव के बीच भारत को बड़ा झटका दे सकते हैं राष्ट्रपति ट्रंप, एच1बी वीजा को कर सकते हैं सस्पेंड

चीन से तनाव के बीच ट्रंप दे सकते हैं भारत को झटका, एच1बी वीजा सस्पेंड करने की तैयारी

चीन से तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को बड़ा झटका देने की तैयारी कर रहे हैं... अमेरिका के नेशनल पब्लिक रेडियो के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एच1बी, एल 1 समेत अन्य वीजा को निलंबित करने के एक्जिक्यूटिव ऑर्डर को अक्टूबर के अंत में मंजूरी दे सकते हैं....

ट्रंप के फैसले के पीछे यह कारण
माना जा रहा है कि ट्रंप के इस फैसले के पीछे कोरोना वायरस से पैदा हुई बेरोजगारी प्रमुख कारण है। अमेरिका को कोरोना वायरस ने बुरी तरह प्रभावित किया है। जिसके कारण वहां लाखों लोगों की नौकरी जा चुकी है। ट्रंप चुनाव के इस मौसम में कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि वे जल्द से जल्द इसे मंजूरी दे सकते हैं।

अक्टूबर में पारित हो सकता है एक्जिक्यूटिव ऑर्डर
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी सरकार अगले वित्त वर्ष में इस प्रस्तावित निलंबन को मंजूरी दे सकती है। अमेरिकी वित्त वर्ष एक अक्टूबर से शुरू होता है और तब कई नए वीजा जारी किए जाते हैं। अखबार ने यह रिपोर्ट प्रशासन के एक अनाम अधिकारी के हवाले से प्रकाशित की है। रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यवस्था देश के बाहर किसी भी नए एच1बी वीजाधारक के काम करने पर तब तक के लिए प्रतिबंध लगा सकती है जब तक निलंबन समाप्त नहीं हो जाता। हालांकि जिनके पास देश के भीतर पहले से वीजा है उनके इससे प्रभावित होने की संभावना नहीं दिखती।

भारत पर होगा बुरा असर
H1B वीजा के निलंबन से प्रभावित होने वाले देशों में भारत प्रमुख है, क्योंकि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी पेशेवर इस वीजा की सबसे ज्यादा मांग करने वालों में से हैं। एच1बी वीजा एक गैर-आव्रजन वीजा है। यह अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति करने की सुविधा देता है, विशेषकर प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता वाले कामों में।

भारत और चीन पर निर्भर हैं अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां
अमेरिका की प्रौद्योगिकी कंपनियां हजारों कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए हर साल भारत और चीन पर निर्भर होती हैं। ऐसे में अमेरिकी सरकार के इस फैसले का असर हजारों भारतीय प्रौद्योगिकी पेशेवर पर होगा। अमेरिका में पहले से कई एच1बी वीजा धारकों की नौकरी जा चुकी हैं और कोरोना वायरस संकट के दौरान वह भारत वापस लौट रहे हैं।