तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम

तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम
तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम
तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम
तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम
तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम
तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम
तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम
तो ठोंक दो हर अपराधी को... नहीं तो करने दो अदालत को भी कुछ काम

यूूपी में एनकाउंटर के बहाने कानून का कत्ल किया गया है... विकास दुबे का एनकाउंटर नहीं हुआ, संविधान का एनकाउंटर हुआ है... अगर यही न्याय है तो फिर क्या जरूरत है अदालतों की और ठोंक दो हर उस आदमी को जो हत्या का आरोपी है...वैसे भी यूपी पुलिस बदले के लिए नहीं बल्कि विकास के तार से बचाने की कोशिश में एनकाउंटर

किया है... बदला तो आम इंसानों को भी मिलना चाहिए, सिर्फ़ पुलिसवालों को ही क्यों...क्या यूपी की सरकार का अपने ही सिस्टम पर भरोसा नहीं था क्या....एक चुनी गयी सरकार कैसे बन गयी सड़कछाप गुंडों की सरकार..

जो खुद ही सरेंडर किया हो.. जिसके साथियों का एनकाउंटर किया गया हो.. जिसकी बीवी और बच्चों को पुलिस ने अपनी कस्टडी में रखा हो क्या वो भागने की कोशिश करेगा... जिसके दोनों पैर में स्टील की रॉड लगी हो.. वो क्या बरसात के पानी में भागेगा...

सबसे बड़ा सवाल इतना बड़ा गैंगस्टर था तो क्या उसे हथकड़ी पहनाने में शर्म आ रही थी पुलिस को... जिस देश में थप्पड़ मारने पर दोनों हाथ में हथकड़ी बांध दी जाती हो.. वहां 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी को क्यों नहीं हथकड़ी पहनाया गया.... 

मौका ए वारदात को देखिए...गाड़ी भी कितनी आराम से पलटी है... जहां से रोड की वैरिकेडिंग शुरु हो रही है वहां से ठीक पहले क्यों गाड़ा पलटी... 

फिलहाल तो सब चुप है़ं लेकिन चुप्पी सही नहीं है.... 

कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे का अंत हो चुका है.. कहा जा रहा है कि विकास दुबे को कानपुर ला रही एसटीएफ की गाड़ी सड़क हादसे का शिकार हो गई और मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे वहां से भागने लगे.. इतना ही नहीं यह भी खबर सामने आई है कि विकास दुबे ने भागने के दौरान एक पुलिसवाले का हथियार भी छीन लिया.. 

एक बात यह भी सामने आई है कि जहां एसटीएफ की गाड़ी हादसे का शिकार हुई वहां से करीब 7-8 किलोमीटर दूर विकास दुबे का एनकाउंटर हुआ.. यानी हादसे के बाद घायल अवस्था में विकास दुबे पुलिसवाले का हथियार छीन कर 7-8 किलोमीटर तक भाग गया.. बताया जा रहा है कि सुबह 6.30 बजे विकास दुबे का एनकाउंटर किया गया है.. यूपी पुलिस की तरफ से विकास दुबे की मौत की पुष्टि कर दी गई है...