गुस्से में सिद्धो-कान्हू के वंशज... कैसे मनेगा 30 जून को हूल दिवस

गुस्से में सिद्धो-कान्हू के वंशज... कैसे मनेगा 30 जून को हूल दिवस

Exclusive : हूल दिवस में इस बार सरकार के खिलाफ हूल की तैयारी की जै रही है... हम आपको बता दें कि हर साल सिद्धो-कान्हू नाम के दो भाइयों की याद में  हूल दिवस मनाया जाता है.. उनकी जन्मस्थली साहिबगंज के भोगनाडीह से लेकर पूरे झारखंड में उनकी प्रतिमा के सामने सरकारी और गैर सरकारी कार्यक्रम आयोजित होते हैं.. लेकिन इस बार उनके वंशज ही नाराज है... क्या ये लोग किसी से बहकावे में हैं या फिर कोई और कहानी है इनके पीछे.... हम आपको पूरी कहानी बताते हैं...

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि 30 जूनको हूल दिवस क्यों मनाया जाता है... दरअसल 30 जून 1855 को सिद्धो-कान्हू नाम के दोनों भाइयों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था..बताया जाता है कि  हूल क्रांति आजादी की पहली लड़ाई थी.... इसमें भोगनाडीह के रहनेवाले सिद्धो-कान्हो नाम के दोनों भाई अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे... बाद में अंग्रेजों ने सिद्धो को बरहेट के पंचकठिया और कान्हू को भोगनाडीह में फांसी दे दी थी.
लेकिन इस बार सिद्धो-कान्हू के छठे वंशज हेमंत सरकार के खिलाफ किसलिए हूल की तैयारी में है... दरअसल ये तमाम हालात रामेश्वर मुर्मू की मौत के बाद उत्पन्न हुए हैं... 13 जून 2020 की सुबह उनके घर भोगनाडीह से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर मांझी टोला के खेत से उनका शव बरामद हुआ था....17 जून को बरहेट थाना में मृतक रामेश्वर मुर्मू की पत्नी कपरो किस्कू ने जो FIR दर्ज करायी है, उसके अनुसार "रामेश्वर मुर्मू 12 जून की शाम 5 बजे अपने मौसेरा भाई सोबान किस्कू के साथ महुआ शराब पीने मांझी टोला की तरफ निकले थे, लेकिन मांझी टोला में शराब नहीं मिलने के कारण दोनों धनजोरी गांव की तरफ जाने लगे... आरोप है कि रास्ते में एक आदिवासी लड़की दिखी... जिसे देखकर भोगनाडीह का ही रहने वाला सद्दाम अंसारी भद्दे- भद्दे कॉमेंट करने लगा... दर्ज FIR के मुताबिक इसका रामेश्वर मुर्मू ने विरोध किया...पुलिस फाइल के मुताबिक सद्दाम नेतब कई बार "मोराय देबो रे सौतार" कहाऔर  फिर दोनों शराब पीने चले गए... फिर रामेश्वर ने शराब पी और अपने दोस्त के साथ वापस लौटने लगा..इसी दौरान वो अकेला ही आगे निकल गया जहां आरोपों के मुताबिक घात लगाकर बैठे सद्दाम अंसारी ने रामेश्वर की बेरहमी से लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी... हालांकि पोस्टमार्टम में अधिक शराब पीने से मौत बताया गया.. 

बाद में रामेश्वर मुर्मू की पत्नी कपरो किस्कू ने बरहेट थाना में FIR दर्ज करायी थी... 6 दिन बाद 23 जून को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई... जिस दिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई उसी दिन आरोपी सद्दाम अंसारी नेकोर्ट में सरेंडर कर दिया... बाद में कोर्ट के आदेश पर  उसे जेल भेज दिया गया... 
अब रामेश्वर के रिश्तेदार हूल दिवस पर विरोध के मूड में हैं.. चूंकि दुमका में बाइ इलेक्शन होना है ऐसे में बीजेपी को मुद्दा मिल गया है.... पूर्व मंत्री लुईस मरांडी भी परिजनों से मिली और दुमका में इंसाफ की मांग को लेकर धरना पर भी बैठीं.. वहीं मुख्यमंत्री ने बुधवार शाम को झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार को इस हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने से कोई परहेज नहीं है.... हेमंत सोरेन ने इस मामले को जोर-शोर से उठाने वाले बीजेपी नेताओं से भी आग्रह किया है कि वे दिल्ली में अपने नेताओं से बातचीत कर सीबीआई के माध्यम से दूध का दूध और पानी का पानी कराने में सहयोग करें...वहीं  सीबीआई से भी कोई बेहतर संस्था जांच के लिए हो, तो राज्य सरकार  जांच के लिए अनुशंसा करने को तैयार है..