Exclusive :खुश है सैनिक स्कूल तिलैया, फ्रांस से राफेल लेकर आ रहा पूर्व छात्र रोहित

रोहित कटारिया झारखंड के सैनिक स्‍कूलतिलैया से वर्ष 1992 में पासआउट हुए। उनके पिता कर्नल सतबीर तब सैनिक स्कूल के प्राचार्य थे।

Exclusive :खुश है सैनिक स्कूल तिलैया, फ्रांस से राफेल लेकर आ रहा पूर्व छात्र रोहित
Exclusive :खुश है सैनिक स्कूल तिलैया, फ्रांस से राफेल लेकर आ रहा पूर्व छात्र रोहित
Exclusive :खुश है सैनिक स्कूल तिलैया, फ्रांस से राफेल लेकर आ रहा पूर्व छात्र रोहित
Exclusive :खुश है सैनिक स्कूल तिलैया, फ्रांस से राफेल लेकर आ रहा पूर्व छात्र रोहित

कोडरमा स्थित सैनिक स्कूल तिलैया के प्रशासी अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों और पूर्व छात्रों में हर्ष का माहौल है। यहां के पूर्व छात्र रोहित कटारिया देश के उन चुनिंदा पायलटों में एक हैं जो फ्रांस से अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल लेकर भारत आ रहे हैं। फ्रांस से 7000 किमी की दूरी तय कर पांच विमानों का दल बुधवार की सुबह अपने वतन पहुंचेगा।

सैनिक स्कूल के कैडेटों का सपना भारतीय सेना का अधिकारी बनने का होता है। कैडेटों को इसी के लिए तैयार भी किया जाता है। रोहित की उपलब्धि ने इन कैडेटों को रोमांचित कर दिया है और उनके सपनों को भी पंख लगने लगे हैं। सोशल मीडिया पर यहां के छात्रों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे गौरव का पल बताया है।

स्कूल के रजिस्ट्रार ले. कमांडर हिमांशु शेखर ने बताया कि स्कूल के लोगों को यह सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। निश्चित रूप से यह स्कूल के लिए गौरव की बात है कि यहां का छात्र उस पहले दस्ते में शामिल है जिसे सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान को उड़ाने का जिम्मा सौंपा गया है।

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सैनिक स्कूल तिलैया के शिक्षक धनंजय कुमार ने कहा कि रोहित शुरू से ही मेधावी था। उसने अपने स्कूल का नाम रोशन किया है। धनंजय स्कूल में भौतिकी के शिक्षक हैं। रोहित सैनिक स्कूल तिलैया से सन 1992 में पासआउट हुए थे। इनके पिता कर्नल सतबीर कटारिया तब सैनिक स्कूल तिलैया में ही प्राचार्य के पद पर थे। रोहित का परिवार मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है।