बिहार में अंचल और सर्वे कार्यालयों के 500 से अधिक ऑपरेटर और कर्मचारियों का तबादला

बिहार में अंचल और सर्वे कार्यालयों के 500 से अधिक ऑपरेटर और कर्मचारियों का तबादला

बिहार राजस्व विभाग के अधीन सभी अंचल कार्यालयों एवं भू-अभिलेख व परिमाप निदेशालय के जिला कार्यालयों में व्यापक उलटफेर किया गया है। पहले चरण में 477 अंचलों के ऑपरेटरों का तबादला किया गया है। बेल्ट्रॉन के अधीन काम करने वाले और वर्षों से जमे ऑपरेटरों का तबादला पहली बार हुआ है। इसके अलावा सभी जिलों में सर्वे और सेटलमेंट कार्यालयों में जमा निम्न वर्गीय लिपिक और उच्च वर्गीय लिपिक से लेकर आदेशपाल तक का इधर से उधर हुए हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य के सभी अंचल कार्यालयों को सुधारने का ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। इसी के तहत भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की गंभीर शिकायतों के मामले में यह कार्रवाई हुई है। कामकाज को सुधारने के लिए इनका तबादला किया गया है। गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपी लगभग दर्जनभर ऑपरेटरों को सेवा से बर्खास्त भी किया जाएगा। कई ऑपरेटरों को सुधरने की अंतिम चेतावनी के साथ तबादला किया गया है।

इन कर्मियों पर दाखिल-खारिज के मामले को अनावश्यक लटकाने, ऑनलाइन म्यूटेशन के कार्य में भी बाधा डालने आदि कई आरोप हैं। विभागीय छानबीन में इन गड़बड़ियों में लिप्त पाए जाने के बाद तबादला किया गया है। तबादले के पूर्व नियोक्ता कंपनी बेल्ट्रॉन से भी सहमति ले ली गई है। इसके अलावा 20 जिलों में होने वाले सर्वे को देखते हुए वहां के बंदोबस्त कार्यालयों को भी दुरुस्त किया गया है। वहां पर लिपिक समेत अन्य जरूरी कर्मियों को तैनात किया जा रहा है। इन्हीं जिलों के सेटेलमेंट ऑफिस में कम से कम एक लिपिक की पदस्थापना की गई है।

देशालय ने तबादले के पूर्व सारे ऑपरेटरों के कामकाज की समीक्षा की। राजस्व विभाग ने भी जांच पड़ताल की और यह पाया गया कि ऑनलाइन म्यूटेशन के मामले को भी ये ऑपरेटर अंचल सीओ की मिलीभगत से आराम से चार-पांच माह तक लटकाकर रखते हैं। रिश्वत की लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई जमाबंदियों में जानबूझकर त्रुटिपूर्ण विवरण दर्ज किए गए। डिजिटलीकरण के प्रक्रिया को बाधित किया गया। इससे विभाग और सरकार की बदनामी हुई इसलिए बर्खास्तगी के पूर्व इनका अंतर जिला तबादला किया गया है। कामकाज में सुधार नहीं होने पर इनका दूसरे जिले में तबादला किया जाएगा। 

निदेशक जय सिंह ने कहा कि इन्हीं ऑपरेटरों के कारण म्यूटेशन का काम लंबित था। ये 7-8 सालों से एक ही जगह जमे थे। खराब प्रदर्शन करने वालों को ही हटाया गया है। काम में सुधार नहीं होने पर जिले से बाहर तबादला होगा। सभी कर्मियों को सुधारने का मौका दिया गया है। विभाग के पास पूरा डाटा है कि किस ऑपरेटर ने कितने महीने तक काम को लंबित रखा। सारी शिकायतों की जांच के बाद ही इनके तबादला किया गया है।

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